Tuesday, 7 December 2010

काशी फिर हुई लाल

गृह-मंत्री पी. चिदम्बरम आज देश को बताएं बनारस में हुए आतंकवादी हमले की, साजिश करने वालो का रंग क्या है? भारत सबसे ज्यादा आतंक से पीड़ित देश है, फिर भी यहाँ आतंकवाद से लड़ने के लिए,कोई कठोर निति नही है| आज हमारे देश में जीने मरने का फैसला सरहद पार के दुश्मन कर रहे हैं, और हम हाँथ पर हाँथ रखे कुम्भकर्ण की निंद्रा में हैं| आखिर पोता जैसे कानून को हटाने का मकसद क्या था, केंद्र सरकार पोटा के बदले कौन सा कानून लायी है जिससे की हम कह सकते हैं की अब आतंकवादी भारत में आतंक फ़ैलाने और बिस्फोट करने से पहले हज़ार बार सोंचेंगे| अज़मल कसाब और अफज़ल गुरु को फांसी तक न देना यह देश और यहाँ की जनता के भावनाओ को आहात करना है, गन्दी वोट-बैंक की राजनीती का एक मोहरा है| आज फिर कासी में शीतला घाट पर गंगा आरती के समय धमाका करके आतंकवादियों ने यह साबित कर दिया हम तुम्हे ऐसे हिन् मारेंगे तुम क्या करा लोगे| कृपया पी. चिदम्बरम जी से 1 अनुरोध है की आतंकवाद को किसी रंग का नाम देने के बजाये आतंकवादियो से निबटने के लिए कोई सख्त कानून बनाये, और उस पर अमल करें|

अभिषेक कुमार

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